Daśame’hani Bhīṣma-yuddham — Śikhaṇḍī-rakṣaṇa, Arjuna-prabhāva, Duryodhana-āśraya-vākyam
विषाणेन च तेनैव कुम्भे5भ्याहत्य दन्तिनम् । पातयामास समरे दण्डहस्त इवान्तक:,उन्होंने किसी दन््तार हाथीका दाँत पकड़कर उखाड़ लिया और उस हाथीको दन्तहीन बना दिया। फिर उसी दाँतके द्वारा उसके कुम्भस्थलमें प्रहार करके दण्डधारी यमराजकी भाँति समरांगणमें उसे मार गिराया
そしてその牙で象のこめかみ(クンバ)を打ち、戦いのただ中で倒した――杖を執るアンタカ(閻魔)のごとく。
संजय उवाच