Aśvamedha-dīkṣā, Vyāsa’s horse-release, and Arjuna’s departure with Gāṇḍīva (आश्वमेधिक-दीक्षा तथा हय-उत्सर्गः)
वैशम्पायन उवाच इत्युक्त: स तथेत्युक्त्वा पाण्डव: पृथिवीपति: । चकार सर्व राजेन्द्र यथोक्तं ब्रह्मवादिना,वैशम्पायनजी कहते हैं--राजेन्द्र! यह सुनकर पाण्डुपुत्र राजा युधिष्ठिरने “बहुत अच्छा” कहकर ब्रह्मवादी व्यासजीके कथनानुसार सारा कार्य सम्पन्न किया
ヴァイシャンパーヤナは語った。「王の中の王よ。これを聞くと、地を治めるパーンダヴァの王ユディシュティラは『まことに良い』と言い、ブラフマンを説く賢者ヴィヤーサの言葉どおり、すべての事を成し遂げた。」
वैशम्पायन उवाच