नारदेन धृतराष्ट्रगतिवर्णनम् | Nārada’s Account of Dhṛtarāṣṭra’s Future Course
त्वां चापि श्रेयसा योक्ष्ये न चिराद् भरतर्षभ । संशयच्छेदनार्थाय प्राप्तं मां विद्धि पुत्रक,“भरतश्रेष्ठ! अब तुम्हें भी मैं शीघ्र ही कल्याणका भागी बनाऊँगा। बेटा! तुम्हें ज्ञात होना चाहिये कि इस समय मैं तुम्हारे संशयोंका निवारण करनेके लिये आया हूँ
tvāṁ cāpi śreyasā yokṣye na cirād bharatarṣabha | saṁśaya-cchedanārthāya prāptaṁ māṁ viddhi putraka ||
「バーラタ族の雄牛よ、ほどなくして汝をも真の吉祥へと結び合わせよう。わが子よ、知れ——我は汝の疑いを断ち切るためにここへ来たのだ。」
वैशम्पायन उवाच