यस्यामाख्यायते पुण्या दिशि गोदावरी नदी । बह्वदारामा बहुजला तापसाचरिता शिवा,दक्षिणमें पुण्यमयी गोदावरी नदी बहुत प्रसिद्ध है, जिसके तटपर अनेक बगीचे सुशोभित हैं। उसके भीतर अगाध जल भरा हुआ है। बहुत-से तपस्वी उसका सेवन करते हैं तथा वह सबके लिये कल्याण-स्वरूपा है
धौम्य उवाच