ते स्मरन्त: परिक््लेशान् वर्षे पूर्णे त्रयोदशे । विमोक्ष्यन्ति विषं क्रुद्धा: कौरवेयेषु भारत,भारत! वे तेरहवाँ वर्ष पूर्ण होनेपर अपनेको दिये हुए क्लेश याद करके कुपित हो कौरवोंपर विष उगलेंगे, अर्थात् विषके समान घातक अस्त्र-शस्त्रोंका प्रहार करेंगे
व्यास उवाच