स्वर्ग गच्छेत्यनुज्ञातस्त्रयम्बकेण तदार्जुन: । प्रणम्य शिरसा राजनू् प्राञ्जलिदेंवमैक्षत,उस समय भगवान् त्रिलोचनने अर्जुनको यह आज्ञा दी कि “तुम स्वर्गलेकको जाओ।' राजन! तब अर्जुनने भगवानके चरणोंमें मस्तक रखकर प्रणाम किया और हाथ जोड़कर उनकी ओर देखने लगे
वैशम्पायन उवाच