प्राहु: साप्तपदं मैत्रं बुधास्तत्त्वार्थदर्शिन: । मित्रतां च पुरस्कृत्य किज्चिद् वक्ष्यामि तच्छुणु,तत्त्वार्थदर्शी विद्वान ऐसा कहते हैं कि सात पग साथ चलनेमात्रसे मैत्री-सम्बन्ध स्थापित हो जाता है, उसी मित्रताको सामने रखकर मैं आपसे कुछ निवेदन करूँगी, उसे सुनिये
यम उवाच