व्रीडा चात्र न कर्तव्या साहसं यदिदं कृतम् । दृष्श्नापि सुरै: पूर्व विनाशो यक्षरक्षसाम्,'भीमसेनने जो यह दुःसाहसका कार्य किया है, इसके लिये तुम्हें लज्जित नहीं होना चाहिए; क्योंकि यक्ष तथा राक्षस्रोंका यह विनाश देवताओंको पहले ही प्रत्यक्ष हो चुका था
वैशम्पायन उवाच