Gadā-yuddhe Bhīma–Duryodhanayoḥ Tumulaḥ Saṃprahāraḥ
Mace-duel’s intense exchange
मृगा बहुविधाकारा: सम्पतन्ति दिशो दश । दीप्ता: शिवाश्लवाप्पनदन् घोररूपा: सुदारुणा:,नाना प्रकारकी आकृतिवाले मृग दसों दिशाओंमें दौड़ लगाने लगे। अत्यन्त भयंकर एवं घोररूप धारण करनेवाली सियारिनें जिनका मुख अग्निसे प्रज्वलित हो रहा था, अमंगलसूचक बोली बोल रही थीं
संजय उवाच