कथं भवान् रणे कर्ण निहन्यादिति सत्तम | नृपश्रेष्ठ उनके ऐसा कहनेपर श्रीकृष्णने अर्जुनसे कहा--“भरतश्रेष्ठ! तुम महाबली कर्णका वध करनेमें समर्थ हो। सत्पुरुषोंमें श्रेष्ठ महारथी वीर! मेरे मनमें भी सदा यही इच्छा बनी रहती है कि तुम रणभूमिमें कर्णको किसी तरह मार डालो”
संजय उवाच