रथी हयी नागपत्तिप्रयायी व्यवस्थितो योद्धुकामस्त्वदर्थे । प्रत्येक युद्धमें शत्रुओंका संहार करनेवाला और अपनेको शूरवीर माननेवाला एक राजकुमार, जो जुआरियोंका सरदार है तथा रथ, घोड़े, हाथी और पैदलोंकी चतुरंगिणीसेना साथ लेकर चलता है, आपके लिये युद्ध करनेको तैयार खड़ा है
संजय उवाच