दण्डधारवधः | The Slaying of Daṇḍadhāra
ततः क्रुद्धों महेष्वासस्तत्सैन्यं प्राद्रवच्छरै: । अन्तकाले यथा क्रुद्ध: सर्वभूतानि प्रेतराट्,तत्पश्चात् क्रोधमें भरे हुए महाधनुर्धर श्रुतकर्माने अपने बाणोंद्वारा उस सेनापर आक्रमण किया, मानो प्रलयकालमें कुपित हुए यमराज समस्त प्राणियोंपर धावा बोल रहे हों
संजय उवाच