अयं च प्रत्यय: कर्णे शक्तिश्चलामितविक्रमा । किमर्थ सूतपुत्रेण न मुक्ता फाल्गुने तु सा,'प्रभो! कर्णको उस शक्तिके प्रभावपर विश्वास तो था ही। वह अमित पराक्रम कर दिखानेवाली दिव्य शक्ति उसके हाथमें मौजूद भी थी, तथापि सूतपुत्रने अर्जुनपर उसका प्रयोग कैसे नहीं किया?”
संजय उवाच