धृष्टद्युम्नो5 भ्ययात् क्रुद्ध: प्रगृह्ा महतीं चमूम् । बलवान् सहायकोंसे सुरक्षित हो सोमदत्तने अपने बाणोंसे सात्यकिको आच्छादित कर दिया। झुकी हुई गाँठवाले बाणोंसे सात्यकिको आच्छादित होते देख क्रोधमें भरे हुए धृष्टद्युम्म विशाल सेना साथ लेकर वहाँ आ पहुँचे
सयजय उवाच