क्षेपणीयैस्तथाप्यन्ये सात्वतस्य वधैषिण: । चोदितास्तव पुत्रेण सर्वतो रुरुधुर्दिश:,आपके पुत्र दुःशासनसे प्रेरित होकर सात्यकिके वधकी इच्छा रखनेवाले अन्य बहुतेरे सैनिकोंने भी क्षेपणीयास्त्र उठाकर सब ओरसे सात्यकिकी सम्पूर्ण दिशाओंको अवरुद्ध कर लिया
संजय उवाच