Vāsudeva-Māhātmya: Duryodhana’s Inquiry and Bhīṣma’s Theological Account of Keśava
वासुदेवस्त्वसम्भ्रान्तो धैर्यमास्थाय सत्त्ववान् | चोदयामास तानश्वान् विचितान् भीष्मसायकै:,परंतु शक्तिशाली भगवान् श्रीकृष्ण तनिक भी घबराहटमें न पड़कर धैर्यका सहारा ले उन घोड़ोंको हाँकते रहे। यद्यपि भीष्मके बाण उन अभश्वोंके सभी अंगोंमें धँसे हुए थे
संजय उवाच