आश्चर्य वै सदा तेषां पुरा राज्ञां सुदुर्मति: । ततो युधिष्छिरे भक्त: कथं संजय सूदित:,क्योंकि पूर्वकालमें अपने साथ विरोध करनेवाले उन राजाओंके प्रति उसकी बुद्धिमें दुर्भाव था; पर संजय! आश्चर्य तो यह है कि ऐसा शूरवीर श्वेत, जो युधिष्ठिरका बड़ा भक्त था, मारा कैसे गया?
धृतराष्ट उवाच