Karma-Yoga, Yajña-Cakra, and the Governance of Desire (कर्मयोग–यज्ञचक्र–कामनिग्रह)
कुलक्षये प्रणश्यन्ति कुलधर्मा: सनातना: । धर्मे नष्टे कुलं कृत्स्नमधर्मोडभि भवत्युत,कुलके नाशसे सनातन कुलधर्म नष्ट हो जाते हैं, धर्मके नाश हो जानेपर सम्पूर्ण कुलमें पाप भी बहुत फैल जाता हैः
अजुन उवाच