Nakula’s Declaration and the Uñchavṛtti Brāhmaṇa’s Superior Merit (Āśvamedhika Parva, Adhyāya 92)
वैशम्पायन उवाच अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम् । अगस्त्यस्य महायज्ञे पुरावृत्तमरिंदम,वैशम्पायनजीने कहा--राजन्! इस विषयमें पहले अगस्त्य मुनिके महान् यज्ञमें जो घटना घटित हुई थी, उस प्राचीन इतिहासका जानकार मनुष्य उदाहरण दिया करते हैं
वैशम्पायन उवाच