अथाभ्यगच्छद्गोविन्दो वृष्णिभि: सह धर्मजम् | बलदेवं पुरस्कृत्य सर्वप्राणभूतां वर:,इसके बाद समस्त प्राणियोंमें श्रेष्ठ भगवान् श्रीकृष्ण बलदेवजीको आगे करके सात्यकि, प्रद्युम्न, गद, निशठ, साम्ब तथा कृतवर्मा आदि वृष्णिवंशियोंके साथ युधिष्ठिरके पास आये
वैशम्पायन उवाच