Brahmā’s Enumeration of Primacies (Ādi) and the Supremacy of Knowledge
Jñāna
आदित्यो ज्योतिषामादिरमन्निर्भूतादिरुच्यते । सावित्री सर्वविद्यानां देवतानां प्रजापति:,अब मैं भूतोंके उत्तम आदिका वर्णन करता हूँ। सूर्य समस्त ग्रहोंका और जठरानल सम्पूर्ण प्राणियोंका आदि बतलाया जाता है। सावित्री सब विद्याओंकी और प्रजापति देवताओंके आदि हैं
वायुदेव उवाच