कर्मनाशाभावः, गर्भे जीवप्रवेशः, आचारधर्मोपदेशः
Karma’s Non-Extinction, Jīva’s Entry into the Embryo, and Instruction on Conduct-Dharma
ततः प्रधानमसृजत् प्रकृतिं स शरीरिणाम् | यया सर्वमिदं व्याप्तं यां लोके परमां विदु:,उन्होंने प्रधान नामक तत्त्वकी उत्पत्ति की, जो देहधारी जीवोंकी प्रकृति कहलाती है। जिसने इस सम्पूर्ण जगत्को व्याप्त कर रखा है तथा लोकमें जिसे मूल प्रकृतिके नामसे जानते हैं
ब्राह्मण उवाच