Āśvamedhika-parva Adhyāya 1 — Yudhiṣṭhira’s Lament by the Gaṅgā and Dhṛtarāṣṭra’s Counsel
तं॑ सीदमानं जग्राह भीम: कृष्णेन चोदित: । मैवमित्यब्रवीच्चैनं कृष्ण: परबलार्दन:,उन्हें शिथिल होते देख श्रीकृष्णकी प्रेरणासे भीमसेनने उन्हें पकड़ लिया। तत्पश्चात् शत्रुसेनाका संहार करनेवाले श्रीकृष्णने उनसे कहा--'राजन्! आपको ऐसा अधीर नहीं होना चाहिये!
वैशमग्पायन उवाच