Paurava-vaṃśa-kathana (Account of the Paurava Lineage) | महाभारत आदि पर्व अध्याय ८९
प्रभुरग्नि: प्रतपने भूमिरावपने प्रभु: । प्रभु: सूर्य: प्रकाशित्वे सतां चाभ्यागत: प्रभु:,जैसे तपनेकी शक्ति अग्निमें है, बोये हुए बीजको धारण करनेकी शक्ति पृथ्वीमें है, प्रकाशित होनेकी शक्ति सूर्यमें है, इसी प्रकार संतोंपर शासन करनेकी शक्ति केवल अतिथिगमें है
अट्क उवाच