Śalya Installed as Commander; Coalition Agreement and Battle Arrays (शल्यसेनापत्यारोहणं व्यूहवर्णनं च)
आज सब लोग मुझे रणभूमिमें निर्भय विचरते देखें, आज समस्त पाण्डव, श्रीकृष्ण, सात्यकि, पांचाल और चेदिदेशके योद्धा, द्रौपदीके सभी पुत्र, धृष्टद्युम्न, शिखण्डी तथा समस्त प्रभद्रकगण मेरा पराक्रम तथा मेरे धनुषका महान् बल अपनी आँखों देख लें ।। १४ १५ || लाघवं चास्त्रवीर्य च भुजयोश्व बल॑ युधि । अद्य पश्यन्तु मे पार्था: सिद्धाश्चन सह चारणै:,इति सत्य ब्रवीम्येष दुर्योधन न संशय: । “मैं रणभूमिमें कुन्तीके सभी पुत्रों और सामने आये हुए सोमकोंपर भी विजय प्राप्त कर लूँगा। इसमें भी संदेह नहीं कि मैं तुम्हारा सेनापति होऊँगा और ऐसे व्यूहका निर्माण करूँगा, जिसे शत्रु लाँघ नहीं सकेंगे। दुर्योधन! यह मैं तुमसे सच्ची बात कहता हूँ। इसमें कोई संशय नहीं है” प्रतीकारपरा भूत्वा चेष्टन्तां विविधा: क्रिया: । आज कुन्तीके सभी पुत्र तथा चारणोंसहित सिद्धगण भी युद्धमें मेरी फुर्ती, अस्त्र-बल और बाहुबलको देखें। मेरी दोनों भुजाओंमें जैसा बल है तथा अस्त्रोंका मुझे जैसा ज्ञान है, उसके अनुसार आज मेरा पराक्रम देखकर पाण्डव महारथी उसके प्रतीकारमें तत्पर हो नाना प्रकारके कार्योंके लिये सचेष्ट हों
lāghavaṁ cāstravīryaṁ ca bhujayoś ca balaṁ yudhi | adya paśyantu me pārthāḥ siddhāś caiva sahacāraṇaiḥ || iti satyaṁ bravīmy eṣa duryodhana na saṁśayaḥ | pratikāraparā bhūtvā ceṣṭantāṁ vividhāḥ kriyāḥ ||
Sañjaya berkata: “Hari ini biarlah putra-putra Pṛthā menyaksikan kelincahanku, keperwiraanku dalam senjata, dan kekuatan lenganku di medan laga; bahkan para Siddha bersama para Cāraṇa pun menjadi saksi. Duryodhana, kukatakan ini sebagai kebenaran; tiada keraguan. Biarlah para kesatria agung Pāṇḍava, berniat menandingi aku, berusaha dengan berbagai siasat.”
संजय उवाच