
Chapter Arc: भीष्म-युधिष्ठिर संवाद की दीर्घ धारा के बाद कथा स्वयं अपने ग्रन्थ-स्वरूप की ओर मुड़ती है—‘व्यास-निर्मित श्रीमहाभारत’ की शतसाहस्री संहिता का स्मरण, और अनुशासनपर्व के भीतर ‘भीष्मस्वर्गारोहणपर्व’ में दानधर्म का प्रतिपादन। → उपदेश के विषय (दानधर्म) से आगे बढ़कर श्रोता-समाज के सामने एक और प्रश्न उभरता है—यह विशाल ग्रन्थ किस प्रकार रचा, गाया और छन्दों में बाँधा गया? संहिता, पर्व, अध्याय, श्लोक-गणना और छन्द-रचना का संकेत कथा को ‘समापन’ की ओर खींचता है। → अनुशासनपर्व के ‘सम्पूर्णम्’ होने की उद्घोषणा—ग्रन्थ के एक महापर्व का औपचारिक समापन, और साथ ही महाभारत की रचना-परम्परा (अनुष्टुप तथा अन्य बड़े छन्दों, अक्षर-गणना) का संक्षिप्त, पर निर्णायक, उल्लेख। → दानधर्म तथा भीष्म-युधिष्ठिर संवाद के प्रसंगों को अनुशासनपर्व के अन्तर्गत समेटकर, पाठ-परम्परा के संकेतों सहित पर्व-समाप्ति स्थापित होती है; श्रोता को यह बोध मिलता है कि उपदेश-खंड का एक चरण पूर्ण हुआ। → भीष्मस्वर्गारोहणपर्व की स्मृति यह संकेत देती है कि उपदेश के बाद ‘प्रस्थान/उत्क्रमण’ का भाव आगे गूँजेगा—भीष्म के अन्तिम गमन और उसके प्रभाव की छाया शेष कथा पर पड़ेगी।
Verse 168
इस प्रकार व्यासनिर्मित श्रीमयहाभारत शतसाहसी संहितारें अनुशासनपर्वके अन्तर्गत भीष्मस्वगरिहणपर्वमें दानधर्म तथा भीष्म-युधिष्ठिरसंवादके प्रसंगरें भीष्मजीकी मुक्ति नामक एक सौ अड़्सठवाँ अध्याय पूरा हुआ
Demikian berakhir bab ke-168, bernama “Pembebasan Bhīṣma”, dalam Anuśāsana Parva dari Mahābhārata yang mulia, gubahan Vyāsa—di bawah bagian tentang kenaikan Bhīṣma ke surga—dalam rangka ajaran dharma pemberian serta dialog Bhīṣma dan Yudhiṣṭhira.
Verse 1970
ऑफ बछ। ही. 7-78... १78... || अनुशासनपर्व सम्पूर्णम् ।। ब्प्स् भफमम++ () आज अन+- अनुष्टुप (अन्य बड़े छन््द ) बड़े छनन््दोंको ३२ अक्षरोंके कुल योग अनुष्टुप् मानकर गिननेपर उत्तर भारतीय पाठसे लिये गये ७३५८ ॥ (३५०॥ ) ४८१९॥।* ७८४० ।*% दक्षिण भारतीय पाठसे लिये गये १९७४ (१२) १६
Ini adalah kolofon dan catatan editorial dalam edisi Gita Press yang menandai selesainya Anuśāsana Parva. Isinya bukan peristiwa naratif atau ajaran etika dari kisah Mahābhārata, melainkan rincian penghitungan metrum, jumlah bait, dan data serupa menurut susunan resensi Utara dan Selatan.