उसके कितने ‘विष्ठा’ (आधार/स्थान) हैं, कितने ‘अक्षर’ हैं? कितने ‘होम’ हैं, और कितने प्रकार से वह समिद्ध (प्रज्वलित) किया जाता है? यज्ञ के विधानों के विषय में मैं तुझसे यहाँ पूछता हूँ—ऋतुक्रम से कितने होतृ (Hotṛ) यजन करते हैं?
Padapatha (Word Analysis)
कति । अस्य । विष्ठाः । कति । अक्षराणि । कति । होमासः । कति-धा । समिद्धः । यज्ञस्य । त्वा । विदथा । पृच्छामि । अत्र । कति । होतारः । ऋतु-शः । यजन्ति