dhā́maṃ te víśvaṃ bhúvanam ádhi śritám antáḥ samudré hṛ́dy-antarā́yuṣi | apā́m-anī́ke samithé ya ā́bhṛtas tám aśyāma mádhumantaṃ ta ū́rmim ||
Translation
तेरा सर्वव्यापी धाम—सम्पूर्ण भुवन—उच्च में प्रतिष्ठित है; समुद्र के भीतर, हृदय के भीतर, आयु के अन्तर में। अपामनीक (जल-तल/जल-मुख) पर समिधा-प्रज्वलन में जो तेरी मधुमयी ऊर्मि (तरंग) प्रकट की जाती है, उस मधुमन्त ऊर्मि को हम प्राप्त करें।