Role-Allocation in Virāṭa’s Court: Nakula, Sahadeva, and Draupadī’s Concealment
तन्तिपाल इति ख्यातो नाम्नाहं विदितस्त्वथ । निपुणं च चरिष्यामि व्येतु ते मानसो ज्वर:,मैं वहाँ तन्तिपाल नामसे प्रसिद्ध होऊँगा। इसी नामसे मुझे सब लोग जानेंगे। मैं बड़ी चतुराईसे अपनेको छिपाये रखकर वहाँ सब ओर विचरूँगा; अतः मेरे विषयमें आपकी मानसिक चिन्ता दूर हो जानी चाहिये
tantipāla iti khyāto nāmnāhaṃ viditastvatha | nipuṇaṃ ca cariṣyāmi vyetu te mānaso jvaraḥ ||
सहदेव ने कहा—वहाँ मैं ‘तन्तिपाल’ नाम से प्रसिद्ध होऊँगा; उसी नाम से सब मुझे जानेंगे। मैं बड़ी कुशलता से अपनी पहचान छिपाकर वहाँ विचरूँगा; अतः मेरे विषय में आपके मन का ज्वर दूर हो जाए।
सहदेव उवाच