Virāṭa-parva Adhyāya 29 — Suśarmā’s Counsel and the Coordinated Goharaṇa Plan
उच्चावचं बल ज्ञात्वा मध्यस्थं चापि भारत । प्रह्ृष्टमप्रहृष्ट च संदधाम तथा परै:,“भारत! उत्तम, मध्यम और अधम तीनों प्रकारकी सेनाओंकी स्थिति समझो। उत्तम और मध्यम सेनाएँ प्रसन्न हैं या अप्रसन्न--इसे जान लो; तब हम शत्रुओंसे सन्धि (मेल या बाण-संधान) कर सकते हैं
हे भारत! उत्तम, मध्यम और अधम—सब प्रकार की सेनाओं की स्थिति जानो; और यह भी समझो कि वे प्रसन्न हैं या अप्रसन्न। तब हम शत्रुओं के साथ यथोचित सन्धि या समुचित बाण-संधान कर सकेंगे।
वैशम्पायन उवाच