इन्द्रवृत्रयुद्धवर्णनम्
Indra–Vṛtra Conflict and the Adversaries’ Tapas-Targeting Counsel
सप्तमेडब्दे गते चापि प्राच्यवत् स महाकवि: । ज्वलन्निव प्रभावेण दृढस्युर्नाम भारत,भारत! सात वर्ष बीतनेपर अपने तेज और प्रभावसे प्रज्वलित होता हुआ वह गर्भ उदरसे बाहर निकला। वही महादिद्दान् दृढस्युके नामसे विख्यात हुआ
saptame ’bde gate cāpi prācyavat sa mahākaviḥ | jvalann iva prabhāveṇa dṛḍhasyur nāma bhārata ||
सातवाँ वर्ष भी बीत जाने पर वह गर्भ अपने तेज-प्रभाव से मानो प्रज्वलित होता हुआ प्राचीनों की भाँति उदर से बाहर आया। हे भारत! वही ‘दृढस्यु’ नाम से प्रसिद्ध हुआ।
लोगश उवाच