Sudeva Identifies Damayantī in Cedi (सुदेवेन दमयन्ती-परिचयः)
भर्तुरन्वेषणार्थ तु पश्येयं ब्राह्मणानहम् । यद्येवमिह वत्स्यामि त्वत्सकाशे न संशय:
bhartur anveṣaṇārthaṁ tu paśyeyaṁ brāhmaṇān aham | yady evam iha vatsyāmi tvat-sakāśe na saṁśayaḥ ||
अपने पति की खोज के लिये मैं ब्राह्मणों से भेंट करना चाहती हूँ। यदि ऐसा हो सके, तो निःसन्देह मैं यहीं आपके निकट निवास करूँगी।
बृहदश्चव उवाच