कलेर्द्वापरस्य च नले प्रति कोपः
Kali and Dvāpara’s Resolve Against Nala
तेषामेव प्रभावेण प्रविष्टोड5हमलक्षित: । प्रविशन्तं न मां कश्चिदपश्यन्नाप्पवारयत्,उन्हीं देवताओंके प्रभावसे मैं इस महलके भीतर आया हूँ और मुझे कोई देख न सका है। भीतर प्रवेश करते समय न तो किसीने मुझे देखा है और न रोका ही है
teṣām eva prabhāveṇa praviṣṭo ’ham alakṣitaḥ | praviśantaṃ na māṃ kaścid apaśyannāpy avārayat ||
उन्हीं देवताओं के प्रभाव से मैं इस महल में अदृश्य होकर प्रविष्ट हुआ। भीतर आते समय न किसी ने मुझे देखा, न किसी ने रोकने का प्रयत्न किया।
नल उवाच