Śiva Grants the Pāśupata Astra (Pāśupata-Śastra Upadeśa) | शिवेन पाशुपतास्त्रदानम्
अक्षया तव कीर्तिश्व लोके स्थास्यति फाल्गुन । त्वया साक्षान्महादेवस्तोषितो हि महामृथे,'फाल्गुन! संसारमें तुम्हारी अक्षय कीर्ति स्थापित होगी। तुमने यहाँ महासमरमें साक्षात् महादेवजीको संतुष्ट किया है
akṣayā tava kīrtiś ca loke sthāsyati phālguna | tvayā sākṣān mahādevas toṣito hi mahāmṛdhe ||
फाल्गुन! लोक में तुम्हारी कीर्ति अक्षय होकर स्थिर रहेगी, क्योंकि इस महासमर में तुमने साक्षात् महादेव को संतुष्ट किया है।
वैशम्पायन उवाच