युधिछिर उवाच धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम् । लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा,युधिष्ठिर बोले--धन्य पुरुषोंमें दक्षता ही उत्तम गुण है, धनोंमें शास्त्रज्ञान प्रधान है, लाभोंमें आरोग्य श्रेष्ठ है और सुखोंमें संतोष ही उत्तम सुख है
युधिष्ठिर बोले—धन्य पुरुषों में दक्षता ही उत्तम गुण है; धनों में शास्त्र-श्रवण (ज्ञान) प्रधान है; लाभों में आरोग्य श्रेष्ठ है और सुखों में संतोष ही सर्वोत्तम है।
युधिछिर उवाच