इस प्रकार श्रीमह्याभारत वनपर्वके अन्तर्गत आरणेयपर्वमें मृगका अनुसंधानविषयक तीन सौ ग्यारहवाँ अध्याय पूरा हुआ
iti prakāraḥ śrīmahābhārate vanaparvaṇi antargate āraṇeyaparvaṇi mṛgānusandhāna-viṣayakaḥ trayodaśa-śata-eka-daśottaraḥ adhyāyaḥ samāptaḥ
इस प्रकार श्रीमहाभारत के वनपर्व के अन्तर्गत आरणेयपर्व में मृग-अनुसन्धान-विषयक तीन सौ ग्यारहवाँ अध्याय समाप्त हुआ।
वैशम्पायन उवाच