Araṇi Lost to the Deer: Pāṇḍavas Pursue to Preserve Agnihotra (अरणी-हरण प्रसङ्गः)
श्रुतं हि धर्मशास्त्रेषु पठ्यमानं द्विजातिभि: । तथा त्वमपि कल्याणि गदतो मे वच: शृणु,कल्याणि! मैंने ब्राह्मणोंके मुखसे धर्मशास्त्रोंकी जो बात सुनी है, उसे बता रहा हूँ, तू भी सुन ले--
śrutaṃ hi dharmaśāstreṣu paṭhyamānaṃ dvijātibhiḥ | tathā tvam api kalyāṇi gadato me vacaḥ śṛṇu ||
कल्याणि! मैंने ब्राह्मणों के मुख से धर्मशास्त्रों में जो बात सुनी है, उसे बता रहा हूँ; तू भी मेरे कहे हुए वचन सुन।
मार्कण्डेय उवाच