Araṇi Lost to the Deer: Pāṇḍavas Pursue to Preserve Agnihotra (अरणी-हरण प्रसङ्गः)
अन्तर्हितायां सावित्र्यां जगाम स्वपुरं नृप: । स्वराज्ये चावसदू वीर: प्रजा धर्मेण पालयन्
antarhitāyāṃ sāvitrayāṃ jagāma svapuraṃ nṛpaḥ | svarājye cāvasad vīraḥ prajā dharmeṇa pālayan ||
सावित्री के अन्तर्धान हो जाने पर राजा अपने नगर लौट आया। वहाँ वह वीर अपने स्वराज्य में रहकर धर्म के अनुसार प्रजा का पालन करता रहा।
मार्कण्डेय उवाच