Araṇi Lost to the Deer: Pāṇḍavas Pursue to Preserve Agnihotra (अरणी-हरण प्रसङ्गः)
तुष्टासि यदि मे देवि वरमेतं वृणोम्यहम् । संतान परमो धर्म इत्याहुर्मा द्विजातय:,देवि! यदि आप प्रसन्न हैं तो मैं आपसे यह संतानसम्बन्धी वर ही माँगता हूँ; क्योंकि द्विजातिगण मुझसे बराबर यही कहते हैं कि “न्याययुक्त संतानोत्पादन (भी) परम धर्म है!
tuṣṭāsi yadi me devi varam etaṁ vṛṇomy aham | santānaḥ paramo dharma ity āhur māṁ dvijātayaḥ ||
युधिष्ठिर बोले—देवि! यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं, तो मैं आपसे यही वर माँगता हूँ—संतान। क्योंकि द्विजातिगण बार-बार मुझसे कहते हैं कि ‘धर्मयुक्त संतानोत्पादन ही परम धर्म है।’
युधिछिर उवाच