इन्द्रजिद्-लक्ष्मणयुद्धम्
Indrajit and Lakṣmaṇa: Escalation through Concealment
ततस्त्रिगर्त: सधनुरवतीर्य महारथात् । गदया चतुरो वाहान् राज्ञस्तस्य तदावधीत्,तदनन्तर धनुष हाथमें लिये त्रिगर्तराजने अपने विशाल रथसे उतरकर राजा युधिष्ठिरके चारों घोड़ोंको गदासे मार डाला
tatas trigartaḥ sadhanur avatīrya mahārathāt | gadayā caturo vāhān rājñas tasya tadā avadhīt |
तदनन्तर धनुष हाथ में लिये त्रिगर्तराज अपने विशाल रथ से उतर पड़ा और गदा से उस राजा (युधिष्ठिर) के चारों घोड़ों को वहीं मार डाला।
वैशम्पायन उवाच