Draupadī-apaharaṇa-saṃdeśaḥ
Report of Draupadī’s Abduction and the Pāṇḍavas’ Pursuit
अस्त्रैरभेद्य: शस्त्रैश्ञाप्पध: कायश्ष तेडनघ । कृत: पुष्पमयो देव्या रूपत: स्त्रीमनोहर:,वह किसी भी अस्त्र-शस्त्रसे विदीर्ण नहीं हो सकता। अनघ! उसी प्रकार आपका नाभिसे नीचेका शरीर पार्वतीदेवीने पुष्पमय बनाया है, जो अपने रूप-सौन्दर्यसे स्त्रियोंके मनको मोहनेवाला है
अनघ! आपका वह भाग अस्त्र-शस्त्रों से भेदा नहीं जा सकता। और नाभि से नीचे का आपका शरीर देवी पार्वती ने पुष्पमय बनाया है, जो अपने रूप से स्त्रियों के मन को मोहित करने वाला है।
वैशम्पायन उवाच