Bhīṣma’s Admonition; Duryodhana’s Rājasūya Aspiration and the Proposal of a Vaiṣṇava-satra
रमणीये समाज्ञाते सोदके समहीरुहे । देशे सर्वगुणोपेते चक्कुरावसथान् परा:,उसके साथ गये हुए लोगोंने भी उस सर्वगुणसम्पन्न, रमणीय, सुपरिचित, सजल तथा सघन वृक्षावलियोंसे युक्त प्रदेशमें अपने डेरे डाल दिये
ramaṇīye samājñāte sodake samahīruhe | deśe sarvaguṇopete cakrur āvasathān parāḥ ||
उसके साथ गये हुए लोगों ने भी उस सर्वगुणसम्पन्न, रमणीय, सुपरिचित, सजल तथा सघन वृक्षावलियों से युक्त प्रदेश में अपने डेरे डाल दिये।
वैशम्पायन उवाच