दुर्योधनस्य हास्तिनपुरप्रवेशः
Duryodhana’s Return toward Hastinapura; Karṇa’s Consolation
पुत्रस्ते प्रतिविन्ध्यश्ष सुतसोमस्तथाविध: । श्रुतकर्मार्जुनिश्वैव शतानीकश्न नाकुलि:,'युधिष्ठिरकुमार प्रतिविन्ध्य, भीमसेननन्द्न सुतसोम, अर्जुनकुमार श्रुतकर्मा, नकुलनन्दन शतानीक तथा सहदेवकुमार श्रुतसेन--तुम्हारे ये सभी वीर पुत्र शस्त्रविद्यामें निपुण हो गये हैं और कुशलपूर्वक द्वारकापुरीमें रहते हैं
putras te prativindhyaś ca sutasomas tathāvidhaḥ | śrutakarmārjuniś caiva śatānīkaś ca nākuliḥ ||
वैशम्पायन बोले—तुम्हारे पुत्र प्रतिविन्ध्य, उसी पराक्रम वाला सुतसोम, अर्जुन का पुत्र श्रुतकर्मा और नकुल का पुत्र शतानीक—ये सब (वहाँ) उपस्थित हैं।
वैशम्पायन उवाच