Duryodhana’s Śaraṇāgati and the Pāṇḍavas’ Resolve
Gandharva Encounter
बभूवुर्दानवेन्द्राणां सिंहनादाश्न दारुणा: । उस समय दानवेन्द्रोंके भयंकर सिंहनाद सुनायी पड़ते थे। उनके रणवाद्यों तथा भेरियोंका गम्भीर घोष सब ओर गूँज उठा
babhūvur dānavendrāṇāṃ siṃhanādāś ca dāruṇāḥ |
तब दानव-नरेशों के भयंकर सिंहनाद उठे। उनके रणवाद्यों और भेरियों का गम्भीर, गूँजता घोष चारों दिशाओं में फैल गया।
मार्कण्डेय उवाच