Duryodhana’s Śaraṇāgati and the Pāṇḍavas’ Resolve
Gandharva Encounter
गच्छन्ति वसुभि: सार्ध रुद्रैश्न सह सड़ता: । उसके दाहिने भागमें विचित्र प्रकारके युद्ध करनेवाले बहुत-से देवता वसुओं तथा रुद्रोंके साथ संगठित होकर चल रहे थे
gacchanti vasubhiḥ sārdhaṁ rudraiś ca saha saṅgatāḥ |
मार्कण्डेय बोले—वे वसुओं के साथ और रुद्रों के साथ संगठित होकर एक ही दल में आगे बढ़ रहे थे। उसके दाहिने भाग में विचित्र प्रकार के युद्ध में कुशल बहुत-से देवता वसुओं तथा रुद्रों के साथ क्रमबद्ध होकर चल रहे थे।
मार्कण्डेय उवाच