Duryodhana’s Śaraṇāgati and the Pāṇḍavas’ Resolve
Gandharva Encounter
विद्युता सहित: सूर्य: सेन्द्रचापे घने यथा । उस रथपर भगवती उमाके साथ बैठे हुए भगवान् शिव इस प्रकार शोभित हो रहे थे, मानो इन्द्रधनुषयुक्त मेघोंकी घटामें विद्युतके साथ भगवान् सूर्य प्रकाशित हो रहे हों ।। ३१६ || अग्रतस्तस्य भगवान् धनेशो गुह्म॒ुकैः सह
vidyutā sahitaḥ sūryaḥ sendracāpe ghane yathā | (agre tasya bhagavān dhaneśo guhyakaiḥ saha ...)
उस रथ पर भगवती उमा के साथ बैठे हुए भगवान् शंकर ऐसे शोभित हो रहे थे, जैसे इन्द्रधनुष से युक्त घनघोर मेघों के बीच विद्युत् के साथ सूर्य प्रकाशित हो। उनके आगे-आगे गुह्यकों सहित भगवान् धनेश (कुबेर) थे।
मार्कण्डेय उवाच