Duryodhana’s Śaraṇāgati and the Pāṇḍavas’ Resolve
Gandharva Encounter
स्त्रियो मानुषमांसादा वृद्धिका नाम नामत: । वृक्षेषु जातास्ता देव्यो नमस्कार्या: प्रजार्थिभि:,वृक्षोंपरसे गिरे हुए शुक्रसे 'वृद्धिका' नामवाली स्त्रियाँ उत्पन्न हुई हैं, जो मनुष्यका मांस भक्षण करनेवाली हैं। संतानकी इच्छा रखनेवाले लोगोंको इन देवियोंके आगे मस्तक झुकाना चाहिये
striyo mānuṣamāṁsādā vṛddhikā nāma nāmataḥ | vṛkṣeṣu jātās tā devyo namaskāryāḥ prajārthibhiḥ ||
‘वृद्धिका’ नाम से प्रसिद्ध कुछ स्त्रियाँ हैं, जो मनुष्य-मांस भक्षण करने वाली हैं; वे वृक्षों पर उत्पन्न हुई हैं। संतान की इच्छा रखने वालों को उन देवियों के आगे नमस्कार करना चाहिए।
मार्कण्डेय उवाच