पञ्चमहाभूतगुण-इन्द्रियनिग्रह-उपदेशः | Teaching on the Qualities of the Five Elements and Sense-Control
बृहदश्च इति ख्यातो भविष्यति महीपति: । तस्य पुत्र: शुचिर्दान्त: कुवलाश्व इति श्रुतः,तात! इक्ष्वाकुकुलमें बृहदश्व नामसे प्रसिद्ध एक महापराक्रमी और किसीसे पराजित न होनेवाले राजा उत्पन्न होंगे। उनका पवित्र और जितेन्द्रिय पुत्र कुवलाश्वके नामसे विख्यात होगा
बृहदश्व नाम से प्रसिद्ध एक राजा होगा। उसका पुत्र शुचि और जितेन्द्रिय होकर कुवलाश्व नाम से विख्यात होगा।
मार्कण्डेय उवाच