इन्द्रद्युम्नोपाख्यानम्
Indradyumna Upākhyāna: On Kīrti, Smṛti, and Restoration
परमायुश्च भविता तदा वर्षाणि षोडश । ततः प्राणान् विमोक्ष्यन्ति युगान्ते समुपस्थिते,उस समय युगान्तकाल उपस्थित होनेपर लोगोंकी आयु अधिक-से-अधिक सोलह वर्षकी होगी, उसके बाद वे प्राणत्याग कर देंगे। पाँचवें या छठे वर्षमें स्त्रियाँ बच्चे पैदा करने लगेंगी और सात-आठ वर्षके पुरुष संतानोत्पादनमें प्रवृत्त हो जायँगे
paramāyuś ca bhavitā tadā varṣāṇi ṣoḍaśa | tataḥ prāṇān vimokṣyanti yugānte samupasthite ||
मार्कण्डेय बोले—उस समय अधिक-से-अधिक आयु सोलह वर्ष की होगी। युगान्त उपस्थित होने पर फिर लोग प्राण त्याग देंगे।
मार्कण्डेय उवाच