Book 3, Āraṇyaka-parva — Adhyāya 19: Pradyumna’s Reproach of Withdrawal and the Ethics of Kṣātra Reputation
प्रयुज्यमानमाज्ञाय दैतेयास्त्र महाबलम् । ब्रह्मास्त्रेणान्तराच्छित्त्वा मुमोचान्यान् पतत्रिण:,प्रद्यम्नने शाल्वको अति शक्तिशाली दैत्यास्त्रका प्रयोग करता जानकर ब्रह्मास्त्रके द्वारा उसे बीचमें ही काट डाला और अन्य बहुत-से बाण बरसाये
prayujyamānam ājñāya daiteyāstraṃ mahābalam | brahmāstreṇāntarāc chittvā mumocānyān patatriṇaḥ ||
शाल्व को अत्यन्त शक्तिशाली दैत्यास्त्र का प्रयोग करते जानकर प्रद्युम्न ने ब्रह्मास्त्र से उसे बीच में ही काट दिया और फिर अन्य बहुत-से बाण छोड़ दिये।
वायुदेव उवाच